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चीन की चुनौती से निपटने के लिए स्वदेशी जागरण मंच ने भरी हुंकार : डेविएट , जलंधर
चीन की चुनौती से निपटने के लिए स्वदेशी जागरण मंच ने भरी हुंकार : डेविएट , जलंधर

चीन की चुनौती से निपटने के लिए स्वदेशी जागरण मंच ने भरी हुंकार : डेविएट , जलंधर

प्रैस नोट

चीन की चुनौती से निपटने के लिए स्वदेशी जागरण मंच ने भरी हुंकार !!

इक्नॉमिक और टैक्नो नेशनलिस्म ही कारगर हथियार – डॉक्टर भगवती प्रसाद

एक रुपए की भी चीन निर्मित वस्तु को खरीदना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा !!

जालन्धर, 19 अगस्त :  सामरिक-आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए पैदा हुई चीन की चुनौती से निपटने के लिए इक्नामिक नेशनलिम और टैक्नो नेशनलिस्म सर्वाधिक कारगर हथियार है। उसके अलावा वैश्विक औपनिवेशक बनने के लिए चीन द्वारा विश्व भर के देशों के विरुद्ध रची जा रही साजिश और चीन के भीतर हो रहे मानवाधिकारों के क्रूर हनन की तस्वीर सोशल मीडिया के जरिए दुनियां के सामने रखके चीन को सामरिक और आर्थिक मोर्चे पर पराजित किया जा सकता है और विश्व को इसकी साजिश से सुरक्षित किया जा सकता है।

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यह राय पैसीफिक यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष और स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक श्री भगवती प्रकाश शर्मा की है। वह शुक्रवार की सायं स्थानीय डेवियट इंस्टीच्यूट में स्वदेशी जागरण मंच जालन्धर महानगर द्वारा चीन की चुनौती : समाधान स्वदेशी विषय पर मुख्यवक्ता के रूप में विचार व्यक्त कर रहे थे। श्री भगवती प्रकाश ने कहा कि भले ही सामरिक मोर्चे पर चीन को भारतीय सैनिक ने रोक रखा है और अब अपने गलत आकलन की वजह से उसे वापिसी का मार्ग नहीं मिल रहा लेकिन आर्थिक मोर्चे पर वह देश के भीतर घुस कर आक्रमण कर चुका है और विडम्बना है कि उसे इस हमले के लिए तमाम शक्ति हम खुद उसका बना माल खरीद कर प्रदान कर रहे है।

इस वजह से हमारे कारखाने बंद हो रहे है और बेरोजगारी बढ़ रही है। हमारी इसी भूल की वजह से हमारे ही दिए गए पैसे से हथियार प्राप्त कर हमें ही सामरिक मोर्चे पर आंखें दिखाने की जुर्रत कर रहा है। चीन के आर्थिक आक्रमण की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि वह भारत के प्रत्येक उस उद्योग को निशाना बना रहा है जो हमारे देश के रोजगार और अर्थ शक्ति के आधार है।  श्री भगवती प्रसाद ने बताया कि चीन ने भारत में सर्वाधिक रोजगारदाता टैक्स टाईल और इलैक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री को निशाना बनाया जिस वजह से देश के अधिकतर टैक्स टाईल उद्योग बंद हो चुके है। यही स्थिति फिरोजाबाद के कांच उद्योग और भारत के इलैक्ट्रानिक उद्योग की हुई है। वास्तविकता यह है कि भारत में छात्र अब रोजगार न मिलने की वजह से इलैक्ट्रानिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना पसंद नहीं कर रहे और कालेज बंद हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश में चीन से आयात बढऩे से यह समस्या खड़ी हुई है।

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श्री भगवती प्रकाश ने कहा कि भारत में मुख्यत: 400 उद्योग संकुल है, 7 हज़ार छोटे संकुल है और चीन ने इसे एक-एक कर निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि देश की टॉयर मार्किट में भी चीन ने घटिया टायरों के माध्यम से आक्रमण किया है, इससे न केवल हमारे देश की टायर फैक्ट्ररियां बंद होकर आर्थिक संकट में आई है,अपितु दुर्घटनाएं भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि चीन ने भारत को इन सभी क्षेत्रों के अलावा दवा उद्योग में भी बी इंस्ट्रीलाइज किया है।
श्री भगवती प्रकाश ने बताया कि चीन की साजिश को अमेरिका और यूरोपिय देश भी समझ चुके है और वहां नागरिक चीनी उत्पादों के उपयोग को बंद कर रहे हैं। इस संदर्भ में उन्होंने एक अमेरिकी महिला सारा बौंगी द्वारा लिखित वन ईयर, विदाऊट मेड इन चाइना पुस्तक का उल्लेख भी किया।

श्री शर्मा ने कहा कि आर्थिक हमले के अलावा चीन ने एक्साईचिन में हमारी 35000 एकड़ जमीन को कब्जा रखा है और अब अरुणाचल, सिक्किम और लेह के क्षेत्रों को भी अपना बता रहा है। चीन न केवल भारत से आर्थिक, सामरिक युद्ध लड़ रहा है अपितु हमारे सबसे बड़े पड़ोसी दुश्मन पाकिस्तान को भारत में आतंकवाद पोषण के लिए भी आर्थिक सहायता कर रहा है और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की आतंक विरोधी वैश्विक लड़ाई के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् जैसे मंचों पर अपने अधिकार को बीटो कर रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि सीमा जो स्थिति है उससे डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भारतीय सेना रणनीतिक दृष्टि से इक्कीस है और रण स्थिति में भी चीन से ऊपर बैठी हुई है, इसके अलावा सरकार प्रतिबद्ध है।

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इसी वजह से अब चीन को अपनी हैंकड़ बचाने के लिए वापसी का रास्ता नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर यदि देश के भीतर एक रुपए की चीनी वस्तु भी हम न खरीदे तो न केवल हम चीन की वास्तव में दीवालिएपन की स्थिति में जा चुकी अर्थ व्यवस्था को चौपट कर सकते है, अपितु सामरिक मोर्चे पर भी उससे शक्तिविहीन कर सकते हैं। समारोह में डा. बी.आर. अम्बेदकर नैशनल इंस्टी’यूट ऑफ टैक्नालॉजी जालन्धर के डायरेक्टर ललित अवस्थी अध्यक्ष रहे, मंच के महानगर संयोजक आर.पी. सिंह,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जालन्धर महानगर के संघचालक कुलदीप भगत भी आसीन थे। मंच संचालन डा. अश्वनी भारद्वाज ने किया। अन्य गणमान्यों में कश्मीरी लाल खन्ना, अशोक गुप्ता, महापौर सुनील ज्योति शामिल थे।