Monday , November 20 2017
Home / Trending Now / धरती पर अमृत है पंचगव्य घी |
धरती पर अमृत है पंचगव्य |
धरती पर अमृत है पंचगव्य |

धरती पर अमृत है पंचगव्य घी |

पंचगव्य घी में ऐसे गुण है जो कई प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए   शरीर के लिए जरूरी विटामिन मोहिया करवाता है | पंचगव्य घी देसी गाय के दूध , दहीं ,घी , मूत्र और गोबर के रस को मिलाकर बनाया जाता है | लेकिन इसमें पांचों चीजें बराबर भी मिलाई जा सकतीं है और कई अन्य विधियों में अलग अलग मात्रा में भी मिलाई जा सकती है | जैसे : दूध-240 मिली , मूत्र-60 मिली , दहीं-15 मिली ,घी-10 मिली , शहद-5 मिली , गोबर रस–3 मिली |

देसी गाय के गोबर के फायदे जानकर होंगे हैरान

पंचगव्य के सेवन से उदर रोग ,लकवा , वात , पित , कुष्ट , ज्वर , बवासीर , कमला , और आदि रोगों का खत्म होतें है | लेकिन पंचगव्य का सेवन करने से पहले त्रिफला , गोमूत्र , गर्म दूध में घृत डालकर पेट साफ़ कर लेना चाहिए |

आये जाने क्या है इसके फायदे :

  • पंचगव्य और मालकांगनी तेल माथे पर मालिश करने पर नींद आती हैं |
  • ब्रेन ट्यूमर वाले स्थान पर 1 या 2 चम्मच पंचगव्य देसी गाय के दूध में डालकर मालिश करें |
  • किसी भी प्रकार के बुखार में पंचगव्य से पुरे शरीर में मालिश करे और सूती कपड़े की गीली पट्टी सर पर रखने से बुखार उतर जायेगा |
  • जुकाम , सिरदर्द , माइग्रेन में पंचगव्य को गुनगुना कर चार-चार बूंदे नाक में डालने से आराम मिलेगा और ठीक हो जायेगा |
  • पंचगव्य को आँखों में डालने से नजर की कमजोरी दूर होती है |

आर्य विदेशी थे या भारतीय जाने पूरा सच