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महाकाली-साधना
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महाकाली साधना

महाकाली साधना

मेरे गुरुदेव सिद्ध रक्खा राम जी पर माँ काली की विशेष कृपा थी | उन्होंने माँ काली को कई अलगअलग रूपों में सिद्ध किया था | माँ काली के अनेको रूप है उनमे से नौ रूप मुख्य है | उन नौ रूपों में से भी माँ काली के

कामकला रूप को सर्वश्रेष्ठ माना गया है है | माँ का यह रूप पतित से पतित व्यक्ति को भी मोक्ष दे देताहै | माँ का यह स्वरुप भोग और मोक्ष दोनों को देने वाला है और कहते है महापंडित रावण ने भी माँ कोइसी रूप में सिद्ध किया था और माँ की शक्ति द्वारा नवग्रहों का स्तम्भन कर दिया था |

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माँ के इस स्वरुप का ज्ञान हर किसी को नहीं दिया जाता,यह ज्ञान केवल गुरु शिष्य परंपरा से ही मिलता है | महाविद्याओं के विषय में अधिक नहीं लिखना चाहता क्योंकिआजकल हर कोई दस महाविद्याओं की बात करता है औरउनके मंत्र बाँट रहा है पर ऐसे लोगों को कौलमार्ग का ‘ क ‘भी नहीं पता |

मैं किसी की निन्दा नहीं करना चाहता परकई बार ऐसा लगता है कि इन लोगों ने तंत्र को केवल दसमहाविद्याओं तक ही सीमित कर दिया है , अन्य देवी देवताएवं तंत्र तो व्यर्थ ही प्रतीत से होते है |

साबर मन्त्र जो नवनाथ चौरासी सिद्ध बावन वीर आदि से सम्बन्ध रखते है उनका एक अलग महत्व है पर कई बार ऐसा लगता है कि दस महाविद्याओं के अतिरिक्त तंत्र है ही नहीं फिर चाहे वोसिद्धहस्त साधना हो या अघोरेश्वर साधना |

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मेरा यह प्रयत्न रहा है कि मैं दस महाविद्याओं से अलगग्रामीण तंत्र और लोक प्रचलित देवी देवताओं का प्रचारकरूँ जो वास्तविक साबर तंत्र है | मैं विषय से भटकना ठीक नहीं समझता इसलिए ग्रामीण तंत्र पर फिरकभी बात कर लेंगे |

दस महाविद्याओं के विषय में अनेकों लोगो के पत्र मिले और अधिकतर लोगों कीयह शिकायत थी कि साईट पर दस महाविद्याओं से सम्बंधित साबर मंत्र नहीं है और अधिकतर लोगों कायह कहना था कि माँ काली से सम्बंधित आसान साबर मन्त्र दे जो घर में सिद्ध किया जा सके |

प्रस्तुत साबर मन्त्र मेरे सदगुरुदेव सिद्ध रक्खाराम जी से प्राप्त हुआ था और विधि बहुत सरल है |

 

||  मंत्र  ||

काली काली महाकाली 
ब्रह्मा की बेटी ,
इंद्र की साली
उड़ बैठी पीपल की डाली ,

दोनों हाथ बजाएं ताली ,

शिव भोले और शिव की दुहाई ,

सर्व कार्य सिद्ध कर माँ मेरिये ||

||  विधि  ||

इस मंत्र को सरसों के तेल का दीपक जला कर ४१ दिन रात्रिकाल में एक माला जपे और पहले औरआखिरी दिन सरसों के तेल में बना हुआ हलवा आधा काले कुत्ते को खिलाये और आधा छत पर डाल दे,मंत्र सिद्ध हो जायेंगा |

||  प्रयोग विधि  ||

जब भी कोई शुभ कार्य करना हो तो इस मंत्र को सात बार पढे और माँ से प्रार्थना करे | आपका कार्य सिद्ध हो जायेगा |

माँ की कृपा से आपके सभी कार्य सिद्ध हो और आप धर्म के रास्ते पर चलते हुए मोक्ष को प्राप्त हो, यही हमारी कामना है …..