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Narsingh Bhagwan
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32000 वर्ष पुरानी नृसिंह की मूर्ति जर्मनी में मिली – Narsingh Bhagwan

गुरुग्राम : Narsingh Bhagwanजर्मनी में भी पनपा था सनातन धर्म – 32000 वर्ष पुरानी नृसिंह की मूर्ति है सुबूत

दुनिया का हर धर्म किसी ना किसी प्रकार से एक दुसरे धर्म जुड़ा हुआ है| हर धर्म या सम्प्रदाय के रीति रिवाज़, परम्पराएँ यहाँ तक कि कथाएं भी एक दुसरे जैसी ही होती है|

वह मंदिर जहाँ हिन्दुओं को पूजा नहीं करनी दी जाती |

इसका सबसे बड़ा उदहारण ग्रीक और हिन्दू पौराणिक कथाएं है|

मनु की नाव और नोहा के आर्क की कहानी लगभग एक जैसी है|

Narsingh Bhagwan

समय समय पर दुनिया के कोने कोने में मिलने वाली प्राचीन कलाकृतियों और इमारतों पर की गयी कारीगरी एवं उनको बनाने के तरीके में समानता से भी ये बात पुख्ता होती है|

वो मोहियाल ब्राह्मण जो इमाम हुसैन के लिए मरने तक लढ़े

वैसे एक बात तो तय है जिसे हम सनातन धर्म कहते है, उसी तरह के धर्म का प्रचलन दुनिया के हर देश में था| चाहे वो मिस्र में रा के रूप में सूर्य की पूजा हो या फिर अफ्रीका में पाए जाने वाले शिव लिंग|

सनातन धर्म से ही दुनिया के हर धर्म की उत्पत्ति हुई|

चीन को हिन्दुराष्ट्र बनाने वाले – पुष्यमित्र शुंग

आज बताते है जर्मनी में मिली प्रागैतिहासिक ज़माने की एक ऐसी मूर्ति की जो बहुत हद तक विष्णु के नृसिंह अवतार से मिलती है|

Narsingh Bhagwan-Germany

ये मूर्ति बहुत मायनों में खास है| ये अन्य मूर्तियों की तरह साधारण नहीं है| संगमरमर की ये बनी मूर्ति जर्मनी में मिली मूर्तियों में सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक है|

पुरातत्ववेत्ताओं के अनुसार ये मूर्ति किसी मंदिर के मुख्य देवता की मूर्ति है|

ये मूर्ति नृसिंह अवतार की है इस बात का एक और प्रमाण है इस मूर्ति के मिलने का स्थान|

Narasimha-Avatar

ये मूर्ति जिस गुफा की खुदाई में पायी गयी उस स्थान की खासियत है कि वहां दिन और रात मिलते है|

हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार भी नृसिंह अवतार ने जब हिरन्यकश्यप का वध किया था तो उस समय भी ना दिन था ना रात थी अर्थात् वो स्थान जहाँ दिन और रात मिलते है|

Narsingh Bhagwan

समय समय पर दुनिया के कोने कोने में मिलने वाली ऐसी प्राचीन मूर्तियों और कलाकृतियों से एक बात तो पुख्ता होती है कि दुनिया में मानव सभ्यता की शुरुआत में एक ही धर्म था|

narasimha-Germany

अब वो धर्म सनातन धर्म था या हिन्दू धर्म या कोई और ये जानना तो लगभग नामुमकिन है लेकिन जिस प्रकार हिन्दू कहानियों से इन मूर्तियों की समानता मिलती है उससे तो यही सिद्ध होता है कि मानव सभ्यता का सबसे पुराना धर्म सनातन धर्म ही है|