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देसी गाय के गोबर के फायदे जानकर होंगे हैरान
देसी गाय के गोबर के फायदे जानकर होंगे हैरान

देसी गाय के गोबर के फायदे जानकर होंगे हैरान

प्राचीन काल में हमारे ऋषि-मुनि देसी गाय के गोबर के सेवन से मिले विटामिन बी से अपने आप को सेहतमंद रखते थे |  और तो और अमेरिकी डाक्टर मैकफर्शन का कहना है ‘’ देसी गाय के गोबर जैसा दूसरा कोई कीटनाशक नहीं है ‘’ | देसी गाय के गोबर में मुख्य रूप से नाइट्रोज़न , फास्फोरस , पोटेशियम , आयरन , जिंक , मैगनीज , बोरोन , मोलिब्ल्दन्म बोरेक्स , कोबाल्ट , सल्फेट , चुना , गंधक और सोडियम जैसे रासायनिक तत्व पाए जातें है |

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आइये जानें कैसे हमारे लिए उपयोगी है देसी गाय का गोबर :

गठिया : गोबर को उबालकर लेप करने से गठिया रोग दूर हो जाता है |

बुखार और मलेरिया : देसी गाय के ताज़े गोबर की गंध से बुखार और मलेरिया का नाश होता है |

हैजा : साफ़ पानी में गोबर घोलकर पिने से हैजा के रोग से बचाव होता है |

मिर्गी : सबसे पहले देसी गाय को गेहूं खिलादो , जब देसी गाय गोबर करेगी तो उसमें से निकले गेहूं के दानो को साफ़ करके सुखालें और इस दानो को पिसवा कर 15 दिन सिर्फ इस गेहूं की रोटी ही खाएं | मिर्गी का पूरी तरह से नाश हो जायेगा |

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सांप , बिच्छु , और अन्य जीवों के काटने पर : रोगी को गोबर का रस पिलाने और शरीर पर देसी गाय के गोबर का लेप करने पर जेहर खत्म हो जाता है |

प्रदूषण और अनविक विकिरणों से बचाव करता है : जापान में नागासाकी और हिरोशिमा में हुए परमाणु हमले के बाद वहां के लोग गोबर को महत्व देतें है | कई लोग तो अपनी चादर  गाय के गोबर के पानी में मिलाकर उसको छानकर और सुखा कर फिर उपयोग करतें है |

बिजली का करंट लगने पर : शरीर के जिस भाग में करंट लगा हो उस भाग में  गाय के गोबर का लेप करने पर करंट का असर कम होता है |

आग से जल जाने पर : देसी गाय के गोबर का लेपन बार बार शरीर पर करें |

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खुजली : खुजली दूर करने के लिए देसी गाय का गोबर लगाकर गर्म पानी से नहाना चाहिए | जहाँ देसी गाय गोबर करती है , उस मिटटी को उठाकर लगाने से 3 से 4 दिन में खुजली और त्वचा रोग दूर होतें है |

चोट , अंदरूनी चोट और मोच : गाय के गोबर को दो पोटली बनाकर उसे तवे से गर्म कर लें और पोटली को चोट पर रखकर कपड़े से बांध लें | इससे बहुत जल्द चोट ठीक होगी और आराम मिलेगा |

दांतों की बदबू और मसूड़ों का दर्द : देसी गाय के गोबर को जलाएं , जब उसका धुआं निकल जाये तब उसे पानी में डालकर भुजा दे , इससे गोबर कोयला बनजायेगा | और इस कोयले को पीस कर कपड़े में छान लें और साथ में नमक तथा फिटकरी भी मिला लें और इसका मंजन बनालें और हर रोज इस मंजन से दांत साफ़ करें और इससे दांतों के सारे रोग नष्ट हो जायंगे |

खाद बनाकर : देसी गाय के गोबर की राख का उपयोग खेतों में खाद के रूप में किया जा सकता है | इससे फसल की जीव जन्तुओं से रक्षा होती है |

पेट में छोटे छोटे कीड़े : देसी गाय के गोबर की 2 टोला राख को 10 तोला पानी में मिलालें और उसको कपड़े से छान लें | इस पानी को तीन दिन तक सुबह शाम पियें |