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इस देश में पांचवीं कक्षा के बाद भगवद्गीता जरूरी विषय बनाया गया

इस देश में पांचवीं कक्षा के बाद भगवद्गीता जरूरी विषय बनाया गया

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जहाँ भी जाते हैं, भगवद्गीता का जिक्र करना नहीं भूलते हैं . न सिर्फ जिक्र बल्कि वे भगवद्गीता को उपहार तौर पर भी देते हैं . मगर उनके इस स्वभाव से भारत में बैठे तथाकथित धर्म निरपेक्ष लोगों का हाजमा गडबडा जाता है .

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सिर्फ ये ही नहीं बल्कि जब भी भारत में हिन्दू ग्रन्थों को स्कूल-कॉलेज में विषयों के तौर पर पढाने का जिक्र उठता है या इन्हें लागू किया जाता है, ये धर्म निरपेक्षवादी लोग सड़कों से लेके संसद तक पैर पटकते नजर आते हैं .

मगर इन लोगों की औकात सिर्फ भारत के चदं हिस्सों तक सिमट कर रह जाती है . तो वहीं हिन्दू धर्म एक विशाल समुन्द्र है, जिसकी लहर विश्व के कौने कौने तक अपनी खुशबु बिखरा देती है .

सिर्फ इसी वजह से आज रूस जैसे देश में 6% लोग हिन्दू बन चुके हैं तो वहीं दुनिया के 150 से अधिक देशों में हिन्दू धर्म के मंदिर और ग्रन्थ पहुँच चुके हैं . यही नहीं उजेब्किस्तान जैसे 100% मुस्लिम देश में भी भगवान श्री कृष्ण भक्त हैं .

इस कारण भारत से मीलों दूर स्थित देश नीदरलैंड भी हिन्दू धर्म के प्रभाव से नहीं बच पाया . वहां बढ़ते हिन्दू धर्म की वजह से सभी स्कूल में पांचवीं कक्षा तक भगवद्गीता को जरूरी विषय बनाया गया है .

वहां की सरकार का मानना है कि भगवद्गीता पढने के बाद बच्चों पर सकारत्मक वैचारिक प्रभाव बनेगा . बता दें कि नीदरलैंड में मुस्लिम धर्म का संसद से लेके सड़क तक विरोध हो रहा हो, तो वहीं हिन्दू धार्मिक ग्रन्थ को बच्चों को पढाने के लिए चुना गया है .

तो समझ सकते हैं कि हिन्दू धर्म दुनिया में क्या स्थान रखता है !!

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