Wednesday , April 25 2018
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इन चार जजों की असलियत |

इन चार जजों की असलियत |

मने देखा की कल सुप्रीम कोर्ट के 4 जज मीडिया के सामने आकर लोकतंत्र का हवाला दे रहे थे | लेकिन सत्य कुछ और है | सच जानने से पहले जानते है इन जजों के बारे में : पहले आपको बताते है इनमे से एक जज जोसफकुरियन के बारे में!ये जज …

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मंदिर जहाँ मिलते हैं प्रसाद में सोने के आभूषण

मंदिर जहाँ मिलते हैं प्रसाद में सोने के आभूषण

मंदिर जहाँ मिलते हैं प्रसाद में सोने के आभूषण भारत एक ऐसा देश है जो अपनी अनूठी कला और संस्कृति के लिए विश्व भर में जाना जाता है वहीं भारत की एक और पहचान भी है, भारत अपने अद्भूत और प्राचिन मंदिरों के लिए भी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। …

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भगवान शिव का पहला मंदिर Nageshwar Jyotiling

Nageshwar Jyotirling

Nageshwar Jyotiling – नागेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जिसका विवरण शिवपुराण में भी किया गया है। भगवान शिव के मंदिरों में यह पहला मंदिर है जिसका विवरण शिवपुराण में किया गया है। नागेश्वर मंदिर या नागनाथ मंदिर गोमती द्वारका और द्वारकापूरी के बीच गुजरात …

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नवरात्री साधना – Navratri Sadhna

नवरात्री साधना

नवरात्री साधना नवरात्रों के पर्व पर रात्री को करने वाली नवरात्री साधना | शुरू होने वाले है और नवरात्रों के साथ ही हो जायेगा नववर्ष का आगमन आइये नववर्ष की शुरुआत करते है माँ भगवती की अराधना से | माँ भगवती का यह पूजन हमें नारी की शक्ति से अवगत …

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श्री राम को भगवान और रावन को इसलिए राक्षस बोला जाता है

श्री राम को भगवान और रावन को इसलिए राक्षस बोला जाता है गुरुग्राम : आज  कलयुग में सेवा भाव , पूजा पाठ करने वाला साधारण सा व्यक्ति समाज में अपना रुतबा नहीं बना पता है पर दुष्ट , कपटी अपनी पहचान बना लेता है , कलयुग का प्रभाव इतना है …

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शिव मन्दिर जहाँ रोज होता है एक नया पुजारी वो भी अलग-अलग जाति का

शिव मन्दिर जहाँ रोज होता है एक नया पुजारी वो भी अलग-अलग जाति का

उत्तरप्रदेश के फैजावाद जिले के गाँव में एक सिधेश्वर मन्दिर है | इस मन्दिर की सबसे बड़ी बात यह है की इसके कारण आज वहां का हिन्दू गर्व के साथ रह सकता है | इस गाँव में मुस्लिमों के कारण हिन्दू लोग अपने ग्राम देवता के मन्दिर में घंटी तक …

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शास्त्रों के अनुसार इन खूबियों को बोला गया है सच्चे मित्र की निशानी

शास्त्रों के अनुसार इन खूबियों को बोला गया है सच्चे मित्र की निशानी

दूसरों के सामने आपका सम्मान करना : सच्चे मित्र की सबसे बड़ी निशानी ये है की वो हमेशा आपके पीछे और किसी के भी सामने आपके गुणों  की तारीफ करेगा और आपको कभी भी किसी के सामने नीचा नहीं दिखायेगा | मुश्किल हालातों में सहायता देना : एक सच्चा मित्र …

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जानें क्यों एक रात के लिए पुनर्जीवित हुए थे महाभारत युद्ध में मारे गए वीर

महाभारत युद्ध के लिए जानें क्यों एक रात के लिए पुनर्जीवित हुए थे महाभारत युद्ध में मारे गए वीरको ही क्यों चुना था भगवान कृष्ण ने |

आज हम आपको महाभारत से जुडी एक अदभुत घटना के बारे में बता रहे है जब महाभारत युद्ध में मारे गए समस्त शूरवीर जैसे  एक रात के लिए पुनर्जीवित हुए थे यह घटना महाभारत युद्ध ख़त्म होने के 15 साल बाद घटित हुई थी। राजा बनने के पश्चात हस्तिनापुर में …

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वो काम जिनसे घटती है व्यक्ति की उम्र

वो काम जिनसे घटती है व्यक्ति की उम्र

महाभारत में एक प्रसंग आता है जिसमें विदुर ने धर्तराष्ट्र को मनुष्य की आयु कम करने वाले कारण बताएं है | ये है कारण : क्रोध : क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है | गीता में भी लिखा गया है की जिसने अपने क्रोध पर विजय प्राप्त कर ली वो …

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जब श्री रामभक्त हनुमान जी ने तोड़ा था भीम का घमंड |

जब श्री रामभक्त हनुमान जी ने तोड़ा था भीम का घमंड |

जब पांडव अपना सब कुछ हार गये तो वे अपने शाही वस्त्र त्यागकर भगवे कपड़े पहनकर वनों में रहने लगे | एक दिन एक कमल का फूल हवा के कारण माता द्रोपदी के पास आ गया और उन्होंने भीम से इस कमल को ले आने  के लिए कहा | वे …

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हनुमानपुत्र जिनकी होती है इन मन्दिरों में पूजा : मकरद्वाज

हनुमानपुत्र जिनकी होती है इन मन्दिरों में पूजा : मकरद्वाज

हम सभी को ये पता है की भगवान हनुमान जी ब्र्म्चारी थे | लेकिन उनका एक पुत्र भी था जिसका नाम था मकरद्वज | जब हनुमान जी लंका में श्री राम जी का संदेश सीता माता को देने जातें है तो उनको बंदी बना लिया जाता है और रावण के …

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गाँव जहाँ हुआ था भगवान हनुमान जी का जन्म : आंजन धाम |

गाँव जहाँ हुआ था भगवान हनुमान जी का जन्म : आंजन धाम |

श्री राम भक्त हनुमान जी के जन्म का इतिहास भारत के राज्य झारखड से जुड़ा हुआ है | श्री राम भक्त हनुमान जी का जन्म झारखण्ड के गुमला जिले के एक आंजन धाम नामक गॉव में हुआ था | यह गॉंव  जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी की दुरी पर जंगलों …

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महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को ही क्यों चुना था भगवान कृष्ण ने |

महाभारत युद्ध के लिए जानें क्यों एक रात के लिए पुनर्जीवित हुए थे महाभारत युद्ध में मारे गए वीरको ही क्यों चुना था भगवान कृष्ण ने |

हम सभी को पता है की महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में लड़ा गया था । युद्ध के लिए श्री कृष्ण जी ने स्वयं कुरुक्षेत्र को चुना था | लेकिन उन्होंने कुरुक्षेत्र को ही महाभारत युद्ध के लिए क्यों चुना इसकी कहानी कुछ इस प्रकार है। जब महाभारत युद्ध होने का …

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