Friday , July 28 2017
Home / धर्म

धर्म

हनुमानपुत्र जिनकी होती है इन मन्दिरों में पूजा : मकरद्वाज

हनुमानपुत्र जिनकी होती है इन मन्दिरों में पूजा : मकरद्वाज

हम सभी को ये पता है की भगवान हनुमान जी ब्र्म्चारी थे | लेकिन उनका एक पुत्र भी था जिसका नाम था मकरद्वज | जब हनुमान जी लंका में श्री राम जी का संदेश सीता माता को देने जातें है तो उनको बंदी बना लिया जाता है और रावण के …

आगे पढ़िए »

गाँव जहाँ हुआ था भगवान हनुमान जी का जन्म : आंजन धाम |

गाँव जहाँ हुआ था भगवान हनुमान जी का जन्म : आंजन धाम |

श्री राम भक्त हनुमान जी के जन्म का इतिहास भारत के राज्य झारखड से जुड़ा हुआ है | श्री राम भक्त हनुमान जी का जन्म झारखण्ड के गुमला जिले के एक आंजन धाम नामक गॉव में हुआ था | यह गॉंव  जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी की दुरी पर जंगलों …

आगे पढ़िए »

महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को ही क्यों चुना था भगवान कृष्ण ने |

महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को ही क्यों चुना था भगवान कृष्ण ने |

हम सभी को पता है की महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में लड़ा गया था । युद्ध के लिए श्री कृष्ण जी ने स्वयं कुरुक्षेत्र को चुना था | लेकिन उन्होंने कुरुक्षेत्र को ही महाभारत युद्ध के लिए क्यों चुना इसकी कहानी कुछ इस प्रकार है। जब महाभारत युद्ध होने का …

आगे पढ़िए »

पाकिस्तान के इस मंदिर में नवरात्रों में मुस्लिम भी जलाते है माता रानी कि ज्योत : हिंगलाज माता

पाकिस्तान के इस मंदिर में नवरात्रों में मुस्लिम भी जलाते है माता रानी कि ज्योत : हिंगलाज माता

हिंगलाज माता  : जब भगवान शिव सती माता के मृत शरीर को लेकर तांडव करने लगे तो तीनो लोकों में विनाश होने लगा , इस विनाश को रोकने के लिए भगवान् विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को 51 भागों में बांट दिया | माता सती …

आगे पढ़िए »

क्यों जलाया गया नालन्दा विश्वविद्यालय ?

क्यों जलाया गया नालन्दा विश्वविद्यालय ?

गुरुग्राम : बख्तियार खिलजी ने 1199 को विश्व प्रसिद्ध नालन्दा विश्वविद्यालय को जला कर पूर्णतः नष्ट कर दिया | उसके पीछे का कारण उसका सनकीपन और गुस्सा था । एक बार वह बहुत बीमार पड़ा और उसके हकीमों ने उसको ठीक करने की पूरी कोशिश की लेकिन वह ठीक नहीं हो सका …

आगे पढ़िए »

छतरपुर मंदिर या श्री अध्‍य कात्‍यानी शक्ति पीठ

छतरपुर मंदिर या श्री अध्‍य कात्‍यानी शक्ति पीठ

कात्‍यानी छतरपुर मंदिर या श्री अध्‍य कात्‍यानी शक्ति पीठ , दक्षिण दिल्‍ली में छतरपुर में स्थित है जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर परिसर है। यह मंदिर देवी कात्‍यायनी, जो देवी दुर्गा का छठां स्‍वरूप है को समर्पित है। अन्‍य मंदिरों के विपरीत इस मंदिर में हर जाति और …

आगे पढ़िए »

गंगा में विसर्जित अस्थियां आखिर जाती कहां हैं?

गंगा में विसर्जित अस्थियां आखिर जाती कहां हैं?

गुरुग्राम : गंगा नदी इतनी पवित्र है की प्रत्येक हिंदू की अंतिम इच्छा होती है उसकी अस्थियों का विसर्जन गंगा में ही किया जाए लेकिन यह अस्थियां जाती कहां हैं? इसका उत्तर तो वैज्ञानिक भी नहीं दे पाए क्योंकि असंख्य मात्रा में अस्थियों का विसर्जन करने के बाद भी गंगा …

आगे पढ़िए »

कौन हैं भगवान अरावन ? जिनके होती है हिजड़ों के साथ शादी ?

कौन हैं भगवान अरावन ? जिनके होती है हिजड़ों के साथ शादी ?

कौन हैं भगवान अरावन ? जिनके  होती है हिजड़ों के साथ शादी ? Gurugram :  भारत के तमिलनाडु राज्य में  देवता अरावन की पूजा की जाती है। कई जगह इन्हे इरावन के नाम से भी जाना जाता है। अरावन हिंजड़ो के देवता है इसलिए दक्षिण भारत में हिंजड़ो को अरावनी …

आगे पढ़िए »

हिन्दू देवी देवतों बोला बलात्कारी FIR दर्ज

हिन्दू देवी देवतों बोला बलात्कारी FIR दर्ज

हिन्दू देवी देवतों के अपमान करने पर हरजीत सिंह धपाली पर केस अमृतसर :आइये दिनों पंजाब में हिन्दू देवतों को अपमान का सिलसिला बड़ता जा रहा है , कहीं मंदिर तोड़े जा रहे हैं कहीं हिन्दू नेताओं को सरे आम गोलिओं मार के कतल कर दिया जाता है और पुलिस …

आगे पढ़िए »

क्यूँ खाया था पांडवो ने अपने मृत पिता का मॉस ?

अंग्रेजों ने कुछ इस प्रकार हमें कहानी  बताई जो की गलत थी | महाभारत से जुडी एक घटना है जिसमे पांचो पांडवों ने अपने मृत पिता पाण्डु का मांस खाया था |  उन्होंने ऐसा क्यों किया यह जानने के लिए हमें पहले  पांडवो के जन्म के बारे में जानना पड़ेगा। …

आगे पढ़िए »

सनातन हिंदू धर्म एक वैज्ञानिक सभ्यता : देखें वीडियो

सनातन हिंदू धर्म की वैज्ञानिक गाथाये हर जगह भरी हुई हैं . सनातन धर्म की कोई भी बात उठा लो . शाकाहारी खानपान, हाथ से खाना खाना, प्राणायाम, उपवास, प्रेम, करुणा और रोगों के कारण, निवारण  . सब बातें हिंदू धर्म के रहन सहन में गुंथी हुई हैं और उससे …

आगे पढ़िए »

तुलसी के पेड़ की पूजा क्यों करनी चाहिए ?

तुलसी के पेड़ की पूजा क्यों करनी चाहिए ?

तुलसी की पूजा करने से घर में समृद्ध‍ि आती है। सुख शांति बनी रहती है। प्राचीन काल से ही यह परंपरा चली आ रही है कि घर में तुलसी का पौधा होना चाहिए।शास्त्रों में तुलसी को पूजनीय, पवित्र और देवी स्वरूप माना गया है। इसका पूजन करना श्रेष्ठ होता है. इसका …

आगे पढ़िए »

हिन्दू पौराणिक कथाओं के 8 बड़े खलनायक

हिन्दू पौराणिक कथाओं के 8 बड़े खलनायक

हिन्दू पौराणिक कथाओं के 8 बड़े खलनायक भारतीय पौराणिक कथाओं में खलनायकों की तूती बोलती रही है। इन कथाओं में कई ऐसे खलनायकों का जिक्र है, जिन्होंने अपने स्वार्थ के लिए अनुचित बल प्रयोग कर मानवता को आहत किया था। हालांकि लौकिक सत्य तो यह है कि अन्त में बुराई …

आगे पढ़िए »