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यह है कम्युनिस्टों का असली रूप

यह है कम्युनिस्टों का असली रूप

यह है कम्युनिस्टों का असली रूप

गत कुछ दिनों से बिसहड़ा हत्याकांड जैसे मुद्दों का राजनैतिक लाभ उठाने के लिए वाम दलों के स्वयंभू चिंतकों ने अतिवादी मुसलमानों व ईसाईयों के साथ मिलकर देश के हिन्दू समाज के खिलाफ दुष्प्रचार का जो अभियान छेड़ा हुआ है वह वास्तव में बेहद निंदनीय है।

इस बात को कौन नहीं जानता कि इन कम्युनिस्टों के बारे में यह सर्वविदित तथ्य है कि माॅस्को में बारिश होती है तो यह भारत में छाता खोल लेते हैं।

1. क्या यह सच नहीं है कि अंग्रेजों भारत छोड़ो नामक राष्ट्रीय आंदोलन की पीठ में इन्हीं कम्युनिस्टों ने छुरा खोंपा था? इन्होंने क्या सुभाषचन्द्र बोस को जापानियों का ‘कुत्ता’ करार नहीं दिया था?

2. क्या यह सच नहीं है कि प्रमुख कम्युनिस्ट नेता एस.ए. डांगे ब्रिटिश सरकार के एजेंट के रूप में कई वर्षों तक कार्य करते रहे?

3. क्या यह सच नहीं है कि पाकिस्तान निर्माण का खुला समर्थन कम्युनिस्ट पार्टी ने विधिवत् प्रस्ताव पारित करके किया था?

4. क्या यह सच नहीं है कि 15 अगस्त, 1947 के बाद प्राप्त हुई आजादी को इन्हीं कम्युनिस्टों ने ‘फ्राॅड’ करार दिया था?

5. क्या यह सच नहीं है कि आजाद भारत की सरकार के खिलाफ कम्युनिस्टों ने पांच राज्यों में सशस्त्र विद्रोह शुरू किया था?

6. क्या यह सच नहीं है कि कम्युनिस्ट पार्टी ने चुनावों को ‘फ्राॅड’ करार देते हुए 1952 में हुए देश में आम चुनावों का बहिष्कार किया था?

7. क्या यह सच नहीं है कि जब चीन ने भारत पर हमला किया था तो इन्हीं कम्युनिस्टों ने चीन को आक्रांता मानने से साफ इंकार कर दिया था?

8. क्या यह सच नहीं है कि केरल में जब भी कम्युनिस्टों की सरकार बनी मुस्लिम लीग उसमें भागीदार थी?

9. क्या यह सच नहीं है कि सेकुलरवादी लबादा ओढ़ने वाले इन कम्युनिस्टों को सावन के अंधे की तरह हर तरफ हिन्दू साम्प्रदायिकता तो दिखाई देती है मगर मुस्लिम साम्प्रदायिकता के प्रति यह जानबूझकर आंख मूंद लेते हैं?

10. क्या यह सच नहीं है कि इन्हीं कम्युनिस्टों ने 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा इमरजेंसी का खुला समर्थन किया था?

11. क्या यह सच नहीं है कि कुख्यात् इस्लामी उग्रवादी अब्बू नासिर मदनी जिसके हाथ 79 बेगुनाह लोगों के खून से रंगे हुए थे उसकी रिहाई का प्रस्ताव केरल विधानसभा में माक्र्सवादी पार्टी ने पारित करवाया था? क्या यही धर्मनिरपेक्षता है?

12. क्या यह सच नहीं है कि माक्र्सवादी मुसलमानों को धर्म के आधार पर आरक्षण देने की खुलेआम वकालत करते रहे हैं?

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