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सती प्रथा की सचाई |
सती प्रथा की सचाई |

सती प्रथा की सचाई

जाने क्या थी सती प्रथा और कैसे सती प्रथा के बारे में दुष्प्रचार करके सनातन धर्म को बदनाम किया गया |

ये बात उस समय की है जब यूरोप के कई देशों जैसे जर्मनी , नोर्वे , फ्रांस , स्वीडन , डेनमार्क , स्विट्ज़रलैंड में  लगभग 2500 साल तक एक प्रथा चली थी जिसका नाम था Witch hunting , यानि की डायन को खोजना और मरना | इस प्रथा के अनुसार यूरोप के गावों में उन महिलाओं को खोज कर मारा जाता था जिनके पति की मृतु हो गई हो और इस प्रथा में महिलाएं को घसीटा , मारा , जमीन में गाड़ना , और जिन्दा जलाया जाता था | यानि की युरोपे में महिलाओं को भारत के जितना सम्मान नहीं मिलता था |

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लेकिन विलियम वेंतिंक नाम के एक अंग्रेज ने सती प्रथा को अलग ढंग से पेश किया ताकि वो युरोपे में चल रही Witch Hunting की प्रथा पर पर्दा डाल सके और भारत को नीचा दिखा सके | लेकिन दुर्भाग्य की बात थी की अंग्रेजों ने जो भी सती प्रथा के बारे में कहा वो हमने मान लिया | अंग्रेजों ने सती प्रथा को बदनाम करने के लिए ये कहा की सती प्रथा में तो महिला को उसके मरे हुए पति की जलती चिता में जबरदस्ती उसके साथ जीवित जलाया जाता था | लेकिन वास्तव में सती प्रथा का मतलब पति के साथ उसकी चिता में जलना नहीं था |

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वास्तव में होता ये था की जब किसी महिला के पति का देहांत हो जाता तो उसकी पत्नी पति की चिता के चारो तरफ चक्कर लगाती थी और हर एक चक्कर के बाद वो कहती की मेरे पति का स्वर्गवास हुआ है और अब समाज में मेरी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा | क्या उसके बच्चे जिम्मेदारी लेंगे ? अगर हाँ बोला तो उनके पास चली जाती नहीं तो अगला चक्कर लगाकर फिर से ये प्रश्न पूछती की , क्या समाज के महाजन लोग उसकी जिममेदारी लेंगे अगर नही तो एक और चक्कर लगाएगी और इस तरह अपने अंतिम यानि 7 वें चक्कर में पूछेगी की क्या पुरोहित लोग उसकी जिम्मेदारी लेंगे ? |

 

 

लेकिन जब कोई भी जिम्मेदारी नहीं लेता था तो वो गाँव के किसी मन्दिर में चली जाती और पाठ पूजा करने लगती और कहती थी की अब भगवान् ही उसकी जिम्मेदारी लेगें | तो इस तरह महिला लोगों के लिए सती बन जाती , यानि के समाज में उसका दर्जा ऊँचा हो जाता था | तो सती होना समाज में उचा दर्जा होने के बराबर था |लेकिन आज सत्ती प्रथा को एक अभिशाप के रूप में पूरी दुनिया को बताया जा रहा है और हमारी सनातन संस्कृति को नीचा दिखाया जा रहा है |