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भारत-रूस की दोस्ती के 70 साल होने से पहले रूस ने दिया बड़ा बयान

भारत-रूस की दोस्ती के 70 साल होने से पहले रूस ने बड़ा बयान

70 साल की दोस्ती में रूस भारत को महज व्‍यापारिक साझेदार नहीं बल्कि ऐसा ‘मित्र’ मानता है जिसकी रूस ने जरूरत के वक्‍त और सबसे खराब समय में भी उसका साथ दिया।  रूस भविष्‍य में भी भारत के साथ और भी सौदा होने की उम्‍मीद कर रहा है।

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700 हाईटेक असैन्य व सैन्य कंपनियों के ग्रुप रोस्टेक स्टेट कॉर्पोरेशन के सीईओ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सर्गेई चेम्जोव की मानें तो रूस न सिर्फ कारगर और जरूरी हथियार मुहैया कराने को तैयार है बल्कि वह अपनी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी देना भी जारी रखेगा।

भारत और रूस की दोस्ती के अगले साल 70 साल पूरे हो जाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि रूस भारत के साथ 1998 में तब भी खड़ा रहा था जब परमाणु परीक्षण के बाद उसपर बैन लगा था।

रूस ने भारत को परमाणु चालित पनडुब्बी लीज पर देने के साथ ही परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम पहली स्वदेशी पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत बनाने में भी मदद की थी। इसे हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है।

दूसरी परमाणु पनडुब्‍बी लीज पर देने के साथ ही भारत और रूस के बीच इस महीने 12 अरब डॉलर से ज्‍यादा के सौदे फाइनल हुए हैंं।

रूस की नजर अब भारत की मल्‍टी बिलियन डॉलर डील पी75आई परियोजना पर है। भारत इसके तहत एयर इंड‍ेेपेंडेंट प्रोपल्‍शन सिस्‍टम वाली 6 पारंपरिक पनडुब्बियां निर्मित करेगा। इसके अलावा रूस नई पीढ़ी के विमानवाहक पोत परियोजना और पांचवींं जेनरेशन के फाइटन प्‍लेन को भारत के साथ मिलकर बनाना चाहता हैै।

रूस के एक टॉप लेवल ऑफिसर के मुताबिक, भारत को अमेरिका या किसी अन्य यूरोपीय मुल्क से वह मदद नहीं मिल सकती जिसकी पेशकश रूस ने की है।

 

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