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गजब : इन महिला कांस्टेबल के फेसबुक पर हैं 7 लाख फॉलोअर्स

गजब : इन महिला कांस्टेबल के फेसबुक पर हैं 7 लाख फॉलोअर्स

गजब : इन महिला कांस्टेबल के फेसबुक पर हैं 7 लाख फॉलोअर्स 

फेसबुक पर आपने मॉडल और एक्ट्रेस के लाखों फॉलोअर्स के बारे में तो सुना ही होगा। मगर आज हम आपको एक ऐसी महिला कांस्टेबल से मिलाने जा रहे है, जिसके फेसबुक पर है लाखों फॉलोअर्स।

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24 जनवरी 2011 को स्मिता टांडी बतौर एक कांस्टेबल छत्तीसगढ़ पुलिस में शामिल हुई थी। मगर एक साधारण कांस्टेबल के साथ-साथ फेसबुक पर स्मिता किसी सिलेब्रिटी से कम नहीं हैं।

फेसबुक को टाइम पास का जरिया न समझते हुए महिला कांस्टेबल स्मिता टांडी इसके माध्यम से गरीबों और असहाय व्यक्तियों की मदद करती हैं।

इसी सामाजिक कार्य के कारण आज फेसबुक पर अपने 7 लाख 20 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स के साथ स्मिता सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर कुछ चुनिंदा लोगों में से हैं।

हैरानी की बात ये है कि अकाउंट बनाने के महज 20 महीने के अंदर महिला कांस्टेबल स्मिता ने फेसुबक पर यह लोकप्रियता हासिल की है।

जो अपने आप में ही बड़ी बात हैं। 24 साल की स्मिता के इतने फॉलोअर्स पेड नहीं हैं। उन्होंने कभी फॉलॉवर्स हासिल करने के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं किया है।

बल्कि उनकी पोस्ट के कॉन्टेंट की वजह से लाखों लोग उनसे जुड़ते हैं। वह अपनी पोस्ट्स के ज़रिये जरूरतमंद गरीब लोगों की कहानी सामने लाती हैं और लोगों से मदद की अपील करती हैं।

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स्मिता अनुसार खुद के साथ हुई एक दुखद घटना के बाद उनमे दूसरों की मदद करने की इच्छा पैदा हुई थी।

स्मिता जब साल 2013 में पुलिस प्रशिक्षण की दौर से गुजर रही थी, तभी अचानक उनके पिताजी शिव कुमार तांडी बहुत ज्यादा बीमार हो गए थे। उनके पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। आखिरकार पिताजी का एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया ।

अब स्मिता को जब भी पता चलता है कि छत्तीसगढ़ के भिलाई, रायपुर या आसपास के इलाके में किसी को इलाज में मदद की जरूरत है, तो वह वक्त निकालकर खुद उनके पास जाती हैं।

सारी जानकारी इकट्ठा करती हैं और उन्हें वेरिफाइ भी करती हैं। इसके बाद वह फेसबुक पर मदद की अपील करते हुए एक पोस्ट डालती हैं।

उनके फेसबुक प्रोफाइल पर उन तमाम लोगों की कहानियां पढ़ी जा सकती हैं जिन्हें स्मिता ने आर्थिक सहायता मुहैया करवाई या करवाने की कोशिश की हों।

फेसबुक पर स्मिता की इस लोकप्रियता की जानकारी जब उनके सीनियर अधिकारियों को मिली तो उन्हें छत्तीसगढ़ के भिलाई में महिला हेल्पलाइन के सोशल मीडिया सेल में रख दिया गया।

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देश भर से लोग उनके जरिए मदद पाने की गुहार लगाते हैं और वह जानकारी सही पाए जाने पर ही मदद की अपील करती हैं। जहां स्मिता अब तक 25 गरीब लोगों की मदद अस्पताल के बिल भरने में कर चुकी हैं। वहीं फेसबुक की बात की जाए तो उनके माध्यम से मदद पाने वालों की संख्या सैंकड़ों में हैं।

दुर्ग में एक छोटे से किराए के मकान में रहने वाली स्मिता के परिवार वालों के अनुसार, स्मिता अपनी कांस्टेबल की ड्यूटी के साथ साथ गरीबो की मदद भी एक ड्यूटी की तरह ही करती हैं।

इसके साथ ही स्मिता स्टेट वॉलिबॉल टीम की भी सदस्य हैं। परिवार वालों को स्मिता के इस नेक काम पर हमेशा गर्व रहता है।

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