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मराठा जाति में भगवान महादेव का जन्म (अवतार) ?
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मराठा जाति में भगवान महादेव का जन्म (अवतार) ?

मराठा जाति की उत्त्पत्ति द्वापर युग में महाभारत के युद्ध के पश्चात हुई | मराठा जाति का निर्माण व्यास ऋषि , शुक ऋषि , ऋषि वामदेव तथा अन्य ऋषि गणो ने मिल कर किया , मराठा जाति का मूल वंश सूर्यवंश है या मराठा जाति के पहले सूर्यवंशी के नाम से ही जाना जाता था , सूर्यवंश को दो भागो में बांटा गया था |

1. उत्तर  2. दक्षिण

उत्तर के सूर्यवंशी क्षत्रियों को राजपूत कहा जाने लगा तथा दक्षिण के सूर्यवंशी क्षत्रियों को मराठा कहा जाने लगा |

इन दोनों जातियों को कलयुग से पहले सिर्फ सूर्यवंशी के नाम से जाना जाता था और आज भी इन दोनों जातियों का उपनाम / सरनेम एक ही है जैसे – राणा, राणे , भोंसले , शिंदे , शिशोदिया , सिंधिया , ठाकुर , ठाकरे , राठोड , जगताप , चौहान, पवार, पंवार, जाधव , पाटिल , सोलंकी , देशमुख, होल्कर , गायकवाड़ , भागवत , शेखावत , रणसिंघ , परिहार आदि |

राजपूतो को 36 कुल में बनाया गया था और मराठो को 96 कुल में बनाया गया था , जिनके उपनाम हजार से भी ज्यादा है , ये नाम क्षेत्र और भाषा को देखते हुए बनाया गया है | जैसे > राजस्थान – राजपूत , महाराष्ट्र – मराठा |

कहा जाता है की 12 वी सदी के पहले इनमे कोई भेद नहीं था लेकिन जब हमारे देश में मुगलो ने शासन करना शुरू किया तब उन्होंने फुट डालो शासन करो की नीति को अपनाया और शासन करना शुरू किया | महाभारत के युद्ध में सभी क्षत्रियो को भारी जान और माल की हानि हुई थी |

क्योंकि….. महाभारत का युद्ध केवल चंद्रवंशियों ( यदुवंशियों) के मध्य ही नहीं हुआ था बल्कि उसमे सभी क्षत्रियों ने भाग लिया था तथा कुछ क्षत्रिय जो सत्ता हीन हो गए थे वे सत्ता की लालशा में एक दूसरे पर आक्रमण करने लगे थे इसलिए सभी ऋषियों ने सभी क्षत्रियों को क्षेत्र के हिसाब से बाँट दिया और देश-धर्म की रक्षा के लिए इन जातियों का निर्माण किया गया |

सूर्यवंश से – राजपूत , मराठा |
चन्द्रवंश से- यादव ( जो पहले से ही था ) |
राजपूतो में सिंह , राणा और मराठो में राजे , राव लिखा जाता है जिसका मतलब राजा ही होता है |

Malhar - Shiv Avtar
Malhar – Shiv Avtar

मराठा जाति में भगवान महादेव का जन्म (अवतार)

मराठा जाति में भगवान महादेव का जन्म (अवतार) हुआ जिन्हे मल्हार या खंडेराव , खंडोबा के नाम से जाना जाता है , जो इस वंश के पहले राजा हुए जिन्होंने मल्ल और मणि नामक दो राक्षसो का वध किया और मनुष्य जाति की रक्षा की |भगवान महादेव इस जाति के कुल देव है और माँ तुलजा भवानी इनकी कुल देवी है | मराठा जाति की मुख्य भाषा मराठी है |

मराठा जाति सबसे शक्तिशाली जातियों में से एक है | मराठा जाति दुनिया के 56 शाही घरानों में शामिल है |

कुछ लोग सोंचते है कि मराठा और मराठी एक ही है लेकिन ऐसा नहीं है मराठा एक जाति है और मराठी क्षेत्र है न की जाति | जैसे महाराष्ट्र में रहने वाला हर व्यक्ति मराठी है लेकिन मराठा नहीं | महाराष्ट्र में मात्र 30 % ही मराठा है |

कुछ तर्कशास्त्रियों का ये भी मानना है की उत्तर के राजपूत क्षत्रियो ने जब अपना राज्य विस्तार के लिए दक्षिण में पलायन किया तो उन्होंने वहा की सभ्यता और भाषा को अपना लिया जैसे मराठी सभ्यता और भाषा और मराठा कहलाये  |

मराठा – महाराष्ट्र के ठाकुर 

मराठा जाति सबसे ज्यादा शक्तिशाली 17 वी सदी में छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज के शासन काल में हुई | ये दोनों महान सूरवीर योद्धा थे |

छ. संभाजी महाराज ने तो मात्र 15 वर्ष की आयु में आदमखोर सिंह का निहत्थे ही मुकाबला किया था और उसका जबड़ा फाड़ डाला था | उन्होंने उस समय 21 राज्यों में हिंदू (मराठा) शासन चलाया और हिंदू स्वराज्य की स्थापना की |

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