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श्री राम को भगवान और रावन को इसलिए राक्षस बोला जाता है

श्री राम को भगवान और रावन को इसलिए राक्षस बोला जाता है

गुरुग्राम : आज  कलयुग में सेवा भाव , पूजा पाठ करने वाला साधारण सा व्यक्ति समाज में अपना रुतबा नहीं बना पता है पर दुष्ट , कपटी अपनी पहचान बना लेता है , कलयुग का प्रभाव इतना है कि आज का समाज भगवन राम पर भी सवाल खड़े करते हैं और रावन को महान धर्मी कहाँ जाता है |  आज इस पोस्ट के माध्यम से येही जानेगे क्यूँ रावन इतना ज्ञानी होते हुए भी  भगवान  राम को ही सनातन धर्म में पुज्निये बोला गया है  और क्यूँ रावन के पुतले जलते हैं |

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यह कुछ समानताएं रावन साम्राज्य कि और राम राज्य कि : –

१.) मदिरा : *भगवन राम ने अपने राम राज्य में मदिरा का सेवन निषेध कर दिया था क्यूंकि मदिरा से कई लोगो के परिवार मर रहे थे और पीढ़ा में जीवन व्यतीत कर रहे थे|

* वहीँ दूसरी तरह रावन साम्राज्य में मदिरा को पानी कि तरह बहाया जाता था  और रावन मदिरा में से उसकी दुर्गन्ध ही ख़तम कर देना चाहता था |

२.) लड़ाई के नियम : *राम राज्य के युद्ध के कुछ परंपरा थी नियम थी , जेसे शाम ढलने के बाद सूरज युद्ध समाप्त हो जाता था , निहथे पर प्रहार नहीं किया जाता था , युद्ध जित्ने के बाद राजा को और                                           उसकी रानियो को जीवित छोड़ दिया जाता था एवं प्रजा को कोई नुकसान नहीं किया जाता था |

*रावन साम्राज्य में इसके विपरीत करते थे गुप्त हमले रात को होते थे , युद्ध जितने के बाद राजा को  प्रजा के सामने मारा जाता था एवं उसी रानिओं को बंदी बना दिया जाता था ,विष्णु मंदिर तोड़ दिए जाते थे और सारा धन प्रजा से लूट लिया जाता था |

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३.) शहर  निर्माण : * क्या अपने कभी सुना है रावन का बनाया हुआ कोई शहर का नाम ? श्री लंका तोह रावन कि होंद को ही नकारता रहा  है | रावन जहाँ भी हमला करता था उस शहर , राज्य का खात्मा करके ही लौट ता था | एक चतुर और अघोर हमला वर था , हमले में रक्त कि नदियाँ बहा देता था |

*राम राज्य में कहीं इसे शहर बसे जो आज के भारत और पाकिस्तान कि प्रान्त राजधानिया है , राम राज्य में शहर का निर्माण सड़कों का निर्माण व्यापर बढ़ने में एवं प्रजा को सुख देने में किया जाता था | राम राज्य में बने मुख शहर जिनको हम  इस  नाम से जानते हैं : लखनऊ , अयोदया , कानपूर , अमृतसर , कसूर , सिर्हिंद , लाहौर , गंधार आदि .

4.) बलात्कार कि शुरुआत : *रावन का मानना था अगर कोई साम्राज्य जीता गया है जो उसकी प्रजा अब उसकी गुलाम है वह के बचे बूढ़े , मर्द एवं औरतें उनकी गुलाम  है,इसलिए रावन कि सेना जब भी किसी शहर को लूटटी थी   तो औरतों पर हमला कर के जोर जबरदस्ती बलात्कार करती |

*राम राज्य में बलात्कार को एक घोर दंड कहा गया है , बलात्कारी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाती थी |

इसे ही कहीं उधारन हैं जिस के कारन भगवन राम हमारे पूज्निये हैं और रावन को हर साल जलाया जाता हैं , रावन एक भगवन शिव के भगत होने से या ब्राह्मण होने से वो महान नहीं हो गया वो एक करूप राजा था और जिस तरह से आज ISIS अपना साम्राज्य खड़ा कर रही है उसी प्रकार रावन ने अपना सम्रज्य खड़ा  किया था जिसका विनाश एक दिन होना ही था जो भगवान श्री राम जी ने किया |

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